हल्द्वानी, अक्टूबर 30 -- Haldwani News: हल्द्वानी। इस बार एक नवंबर, रविवार को अहोई अष्टमी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन माताएं निर्जला उपवास कर अहोई माता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगी और संतान की खुशहाली की कामना करेंगी। ज्योतिषी अशोक वार्ष्णेय ने बताया कि कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि एक नवंबर को दोपहर 2 बजकर 52 मिनट पर शुरू होगी, जबकि इसका समापन दो नवंबर को दोपहर 1 बजकर 11 मिनट पर होगा। यह व्रत तारों के दर्शन और उन्हें अर्घ्य देने के बाद खोला जाता है। पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5:36 बजे से 6:54 बजे तक रहेगा। तारों के दर्शन शाम करीब छह बजे और चंद्रोदय रात 11:26 बजे होगा। यह भी पढ़ें- संतान की दीर्घायु का अहोई अष्टमी पर्व एक नवंबर को यह भी पढ़ें- अहोई अष्टमी पूजा सामग्री 2026: व्रत से पहले जुटा लें ये सामान, जानें अहोई माता की प...