गोरखपुर, जुलाई 10 -- Gorakhpur News: गोरखपुर, निज संवाददाता। गीता वाटिका स्थित श्रीराधाकृष्ण साधना मंदिर में आयोजित 41वें पाटोत्सव के अंतर्गत दूसरे दिन शुक्रवार को जगतजननी श्रीमन्महात्रिपुरसुंदरीजी का काली मिर्च द्वारा सहस्रार्चन वैदिक मंत्रोच्चार एवं शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुआ। शाम को आयोजित श्रीरामचरितमानस कथा में श्रीहरिकृष्ण दासजी (श्रीचित्तरंजन दासजी) महाराज, श्रीधाम वृन्दावन ने कथा-रस का अमृतपान कराया। उन्होंने कहा कि श्रीरामचरितमानस की कथा केवल मनोरंजन का विषय नहीं, बल्कि मन के मार्जन का माध्यम है। कथा-श्रवण से मन की शुद्धि होती है तथा जीवन का मार्ग सुगम एवं मंगलमय बनता है। कहा कि भगवान श्रीसीताराम का युगल स्वरूप अभिन्न है। उन्होंने 'राम-नाम' महामंत्र के जप की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि कलियुग में भगवान श्रीराम क...