रांची, मार्च 1 -- रांची, विशेष संवाददाता। हुनर कला प्रशिक्षण केंद्र में रविवार को होली पूर्व कवियत्री सम्मेलन और सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। इसमें मुक्ति शाहदेव ने- मस्त पवन जब ले अंगड़ाई फूलों से भर जाए क्यारी... सुना कर सबमें होली के भाव भर दिए। सत्या शर्मा की कविता- कुछ सतरंगी सी चाहत यूं आज मचल रही है... और कुमकुम गौड़ ने- मन बड़ा ही चंचल, उन्मुक्त, स्वछंद..., सुनाया। सोनल थेपड़ा ने- मिला देना अपना प्यार और साथ रंग सारे... व मनीषा ने होली रे होली रंगों की होली..., गीत गाकर सब का दिल जीत लिया। डॉ अवनींद्र सिंह ने- खेले मसाने मे होली दिगंबर... गाकर पूरे माहौल को रंग बिरंगा बना दिया और रेणुका सिन्हा ने हारमोनियम पर उनका साथ दिया। गार्गी सोम ने- मोहे रंग दो लाल, गाने पर एकल नृत्य प्रस्तुत किया।
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