गिरडीह, अगस्त 24 -- पीरटांड़। मधुबन स्थित गुणायतन में वर्षाकालीन चातुर्मास के तहत साधनारत मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने कहा कि संसार से डरकर नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और जागरूकता के साथ जीवन जीना चाहिए। संसार की परिस्थितियों से भागना पलायन है, उन्हें बेबसी में भोगते रहना कमजोरी है, जबकि परिस्थितियों को समझकर उनका सामना करना ही जीवन की वास्तविक चेतना है। उन्होंने श्रद्धालुओं का आह्वान किया कि कर्मों को केवल भोगना नहीं है, उन्हें काटने का पुरुषार्थ करना है। डरो मत, डटकर जियो। बता दें कि मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज एवं मुनि श्री संधान सागर महाराज ससंघ का मधुबन स्थित गुणायतन में वर्षाकालीन चातुर्मास चल रहा है। साधु संतों के सान्निध्य में श्रद्धालुओं को निरंतर आत्मजागृति, वैराग्य और जीवन-प्रबंधन का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। वर्षाकाल चातुर्...