हाथरस, जून 23 -- सहपऊ। कस्बा के रवि बजाज के सामने के मैदान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन बरसाना से आई कथावाचक इन्दु लेखा शास्त्री ने श्रद्धालुओं को महापापी एवं क्रूर व्य​क्ति धुंधकारी के मोक्ष होने की कथा सुनाई । उन्होंने श्रद्धालुओं को बताया कि धुंधकारी बचपन से ही दुष्ट,जुआरी ,शराबी एवं हिंसक स्वभाव का था। मरने के बाद उसे प्रेतियोनि मिली । उसके भाई गोकर्ण को जब यह पता चला तो उसने भाई के मु​​क्ति के ​लिए श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया । कथा विश्राम होने पर धुंधकारी को मोक्ष प्रा​प्ति हुई । इस दौरान देवा लाला , गजेन्द्र वर्मा,विष्णु गुप्ता, नागेन्द्र टीटी, प्रदीप, तोता राम, रवि बजाज, भिकारी दास, पंसारीख् ऋ​षि कुमार सहित काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद ​थे। यह भी पढ़ें- श्री कृष्ण की लीलाएं श्रवण करने से चित्त होता पवित्र

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