ललितपुर, मार्च 18 -- घर के आंगन में चहकने वाली नन्हीं गौरैया के संरक्षण को बच्चे आगे आए हैं। उन्होंने पक्षियों के लिए न केवल घोसले बनाए बल्कि उनके पानी पीने के लिए जगह-जगह मिट्टी के बर्तन भी रखे। उनकी जागरुकता से बड़ों ने भी इस कार्य में जुटने का निर्णय लिया है। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में पेड़-पौधे, वनस्पतियों, पशुओं के साथ-साथ पक्षियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हानिकारक कीटाणुओं तथा जीवों का भक्षण करके वातावरण को स्वच्छ बनाने में पक्षी अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, लेकिन बढ़ते प्रदूषण व शहरीकरण के कारण पक्षियों की संख्या निरंतर घटती जा रही है। शहरी क्षेत्रों में गौरैया की कमी ज्यादा देखी जा रही है। जो प्रकृति व पर्यावरण दोनों के लिए चिंता का विषय है। यह चिड़िया मनुष्य के बनाए घरों में रहना ज्यादा पसंद करती है पर आधुनिक युग में ब...