सीतापुर, मार्च 10 -- सीतापुर, संवाददाता। आज से तीसरा अशरा शुरू हो गया है। जिस वजह से रमजान के मुकम्मल होने में कम समय रह जाने से इबादतों का सिलसिला भी तेज हो गया है। इसी अशरे में लोग ऐतिकाफ में बैठते हैं। साथ ही शबे कद्र को भी तलाशते हैं। माना जाता है कि रमजान में पांच रातों 21, 23, 25, 27 व 29वें रोजे में से कोई भी रात शब-ए-कद्र की हो सकती है। ऐसे में लोग ज्यादातर सभी रातों को जागकर खूब इबादत करते हैं। अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं। कुरआन पढ़ते हैं। जबकि घरों में भी इन रातों में महिलाएं इबादत में मशगूल रहती हैं। वैसे तो पूरे रमजान भर इबादत का 70 गुना सवाब मिलता है, लेकिन शब-ए-कद्र में की गई इबादत का विशेष महत्तव बताया गया है।

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