मुरादाबाद, मार्च 24 -- जनपद में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के तमाम दावों के बीच सरकारी स्कूलों में घटती छात्र संख्या एक बड़ी चिंता बन गई है। स्कूल चलो अभियान, घर-घर संपर्क और जागरूकता कार्यक्रमों के बावजूद पिछले चार वर्षों में करीब 68 हजार बच्चों की कमी दर्ज की गई है। अब एक अप्रैल से शुरू हो रहे सत्र 2026-27 के लिए नामांकन बढ़ाना बेसिक शिक्षा विभाग के सामने बड़ी चुनौती है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022-23 में जहां छात्र संख्या करीब 2.6 लाख थी, वहीं 2023-24 में यह घटकर 1.84 लाख रह गई। इसके बाद 2024-25 में 1.45 लाख और 2025-26 में महज 1.38 लाख रह गई है। यानी हर साल गिरावट का सिलसिला जारी है। इस स्थिति के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि शासन के नए नियमों के चलते वे गैर-शैक्षिक कार्यों में अधिक व्यस्त रहते हैं, जिससे प...
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