जमुई, जुलाई 28 -- अलीगंज । निज संवाददाता अलीगंज सहित पूरे जिले में इस वर्ष मानसून की दगाबाजी ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। पर्याप्त बारिश न होने के कारण खेतों में दरारें पड़ रही हैं और धान की रोपनी का कार्य लगभग ठप हो गया है। जुलाई का महीना बीतने को है, लेकिन आसमांन में बादल की बेरुखी देखकर किसानों के चेहरे पर मायूसी तथा अकाल की चिंता साफ झलक रही है। जिन किसानों ने पंपसेट या बोरिंग के सहारे जैसे-तैसे धान के बिचड़े (पौध) तैयार किए थे, अब वे भी धूप और पानी की कमी से पीले पड़कर सूखने लगे हैं। यह भी पढ़ें- Motihari News: संकट: जिले में 20 हजार हेक्टेयर खेतों में धान की रोपनी पर ग्रहण समय पर रोपनी न होने के कारण धान के बिचड़ा का समय निकलती जा रही है, जिससे पैदावार में भारी गिरावट की आशंका जताई जा रही है। ​नहरें सूखी पड़ी हैं और पोखर-तालाबों में...