चंडीगढ़ , अगस्त 22 -- उम्र सीखने और अपने सपनों को पूरा करने में बाधा नहीं होती, इसे 67 वर्षीय निशानेबाज सुमन बंसल ने साबित कर दिखाया है। हाल ही में आयोजित 51वीं चंडीगढ़ स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में उन्होंने दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य सहित चार पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
सुमन बंसल को स्कूल के समय से ही निशानेबाजी का शौक था। एनसीसी शिविर में हिस्सा लेने के दौरान उनके मन में निशानेबाज बनने की इच्छा जगी थी, लेकिन शादी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण उनका यह सपना वर्षों तक पूरा नहीं हो सका।
उनके पति और पंजाब हेल्थ सिस्टम्स कॉरपोरेशन के पूर्व निदेशक डॉ. सुरिंदर बंसल ने शनिवार को बताया कि सुमन की शादी बीए पार्ट-2 के दौरान हुई थी। शादी के बाद उन्होंने परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियां निभाईं। बच्चों को व्यवस्थित करने के बाद जब पारिवारिक जिम्मेदारियां कम हुईं तो करीब दो वर्ष पहले उन्होंने सुमन के पुराने सपने को पूरा करने में सहयोग किया और उनके लिए शूटिंग रेंज की तलाश शुरू की।
इसके बाद सुमन ने सेक्टर-25 स्थित शूटिंग रेंज में प्रशिक्षण लेना शुरू किया। प्रशिक्षण के पहले ही वर्ष उन्होंने सीनियर मास्टर महिला वर्ग में 10 मीटर स्पर्धा में राज्य और उत्तर क्षेत्र स्तर पर स्वर्ण पदक जीते तथा राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया। पिछले दिसंबर में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में वह चौथे स्थान पर रहीं।
मई में आयोजित कुमार सुंदरम राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग प्रतियोगिता में उन्होंने रजत पदक हासिल किया। इसके बाद जुलाई में हुई चंडीगढ़ राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उन्होंने 10 मीटर और 50 मीटर सीनियर मास्टर वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा 50 मीटर मास्टर महिला वर्ग में रजत और 10 मीटर मास्टर महिला वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया।
परिवार की मित्र नीरजा गुप्ता ने कहा कि जिस उम्र में आम तौर पर महिलाएं सामाजिक गतिविधियों तक सीमित रह जाती हैं, उस उम्र में सुमन ने अपने स्कूल के समय के सपने को पूरा करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि सुमन अब नियमित रूप से पंजाब विश्वविद्यालय और पुलिस शूटिंग रेंज में अभ्यास करती हैं और वरिष्ठ महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गयी हैं।
सुमन बंसल की रुचि केवल निशानेबाजी तक सीमित नहीं है। उन्हें संगीत का भी शौक है और उन्होंने इस सत्र में पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से वाद्य संगीत में एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम में भी दाखिला लिया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित