चंडीगढ़ , फरवरी 23 -- पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा सरकार से जुड़े खातों में लगभग 590 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं को गंभीर और जनहित से जुड़ा मामला बताया है।

सुश्री सैलजा ने यहां एक बयान में कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह प्रकरण चंडीगढ़ स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की एक शाखा से संबंधित है, जिसमें कुछ कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आयी है। उन्होंने कहा कि सरकारी खातों से जुड़ी इतनी बड़ी राशि में गड़बड़ी केवल वित्तीय अनियमितता नहीं बल्कि जनता के विश्वास के साथ विश्वासघात है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी चूक उच्च स्तर की लापरवाही या संभावित मिलीभगत के बिना कैसे संभव है। उन्होंने आंतरिक ऑडिट और निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता पर भी प्रश्न खड़े किये।

उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल चार अधिकारियों का निलंबन पर्याप्त नहीं है। जब मामला सार्वजनिक धन का हो तो पूरी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

उन्होंने निजी बैंकों में सरकारी खाते खोलने के निर्णय पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि जब राष्ट्रीयकृत बैंक उपलब्ध थे तो निजी बैंकों को प्राथमिकता क्योंदी गयी। उन्होंने निष्पक्ष स्वतंत्र और समयबद्ध उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई जनता के सामने लायी जाये और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त प्रोटोकॉल लागू करने और सरकारी धन की सुरक्षा एवं शीघ्र वसूली सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

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