महराजगंज , अक्टूबर 29 -- महराजगंज में रोपित पौधों की 50 प्रतिशत से कम जियो टैगिंग होने पर मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह ने नाराजगी जताते हुए संबंधित विभागों को जल्द से जल्द शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
जिला वृक्षारोपण एवं गंगा समिति की बैठक गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में हुई। इसमें वृक्षारोपण, पौधों की जीवितता, आर्द्रभूमि संरक्षण, एकल उपयोग प्लास्टिक पर नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने पुलिस, राजस्व, सिंचाई, नगर विकास, पंचायतीराज, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित अन्य विभागों में जियो टैगिंग की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पौधरोपण के साथ उनकी अधिकतम जीवितता सुनिश्चित करना भी विभागों की प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए पौधों की नियमित निगरानी, सिंचाई और संरक्षण की समुचित व्यवस्था की जाए।
उन्होंने नदियों के घाटों पर गंगा आरती के आयोजन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए जिला पंचायतराज अधिकारी और संबंधित अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए। नदियों को प्रदूषण से बचाने के लिए नगर निकायों को ठोस कचरे और जैव चिकित्सा अपशिष्ट के समुचित प्रबंधन के निर्देश भी दिए गए।
सीडीओ ने बंदरों और अन्य जानवरों को आक्रामक होने से रोकने के लिए मंदिरों, पार्कों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर क्या करें और क्या न करें संबंधी सूचना पट्ट लगवाने को कहा। उन्होंने सभी नगरीय निकायों में एकल उपयोग प्लास्टिक के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जैव चिकित्सा अपशिष्ट का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी विभागों को पर्यावरण अनुकूल उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा कार्यालयों में एकल उपयोग प्लास्टिक पर पूरी तरह रोक लगाने को कहा।
प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष जिले में लगभग 33 लाख पौधे रोपित किए गए हैं। उन्होंने रोपित पौधों को बचाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए सभी विभागों से बड़े वृक्षारोपण स्थलों की यथासंभव बाड़बंदी कराने का अनुरोध किया।
बैठक में परियोजना निदेशक राम दरश चौधरी, उपायुक्त श्रम रोजगार गौरवेंद्र सिंह, एआर कोऑपरेटिव सुनील गुप्ता, एसीएमओ डॉ. राजेश द्विवेदी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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