रायपुर , सितंबर 24 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के अटारी स्थित नंदनवन को प्रकृति, पर्यावरण और पारिवारिक मनोरंजन के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है। करीब 50 करोड़ रुपए की लागत वाली इस पुनर्विकास परियोजना को पीपीपी (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) मॉडल पर क्रियान्वित करने की योजना है।
विभाग से आज मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में नंदनवन पुनर्विकास के प्रस्ताव का प्रस्तुतिकरण किया गया। नंदनवन पीपीपी समिति ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पीसीसीएफ अरुण कुमार पांडेय, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव मनीष कुमार ठाकुर, नीति आयोग के सदस्य आशीष भट्ट, वित्त विभाग के अधिकारी और समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
परियोजना के तहत नंदनवन के बॉटनिकल गार्डन को नए स्वरूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है। प्राकृतिक संतुलन और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए परिसर में बेहतर लैंडस्केपिंग, स्वच्छ सुविधाओं और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जाएगा। इसका उद्देश्य नंदनवन को ऐसे पर्यटन स्थल के रूप में तैयार करना है, जहां परिवार और बच्चे लंबे समय तक समय बिता सकें।
योजना में पर्यटकों के लिए कई नई सुविधाओं और मनोरंजन गतिविधियों को शामिल करने की तैयारी है। इनमें कैफेटेरिया/फूड कोर्ट, साफ-सुथरे शौचालय, पीने का पानी, पार्किंग, बैठने के लिए शेड/बेंच, दिव्यांगों के लिए सुगम रास्ते और ई-कार्ट/बैटरी वाहन इत्यादि सुविधाएं विकसित करने की प्लानिंग है।
परियोजना में निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता और निवेश का उपयोग किया जाएगा, जबकि विकास एवं संचालन से संबंधित व्यवस्था पीपीपी मॉडल के तहत निर्धारित की जाएगी। हालांकि पीपीपी की अवधि कितनी होगी और संचालन का अधिकार किस स्वरूप में दिया जाएगा, जैसे कुछ बिंदुओं पर निर्णय होना अभी बाकी है। पर्यटकों के लिए प्रस्तावित टिकट या यूजर चार्ज में बदलाव किया जाएगा अथवा नहीं, इसका फैसला भी आगे की प्रक्रिया में किया जाएगा।
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