पटना , सितंबर 03 -- ेत्रदान को बढ़ावा देने तथा आमजन में नेत्रदान के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य सेअखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान( एम्स) पटना के नेत्र रोग विभाग ने गुरुवार को ओपीडी प्रतीक्षालय में नेत्रदान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में 300 से अधिक मरीजों एवं उनके परिजनों ने भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत एक हृदयस्पर्शी वीडियो प्रस्तुति से हुई, जिसमें दृष्टिबाधित व्यक्ति के जीवन की कठिनाइयों एवं चुनौतियों को दर्शाया गया। इसके बाद डॉ. तारिता विश्वास, जूनियर रेजिडेंट, ने जागरूकता व्याख्यान दिया। उन्होंने कॉर्नियल अंधत्व के प्रमुख कारणों, नेत्रदान की आवश्यकता तथा देश एवं क्षेत्र में नेत्रदान की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने नेत्रदान के समय परिवार द्वारा बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में भी बताया तथा स्वैच्छिक नेत्रदान के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का आयोजन प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल, कार्यकारी निदेशक, एम्स पटना के नेतृत्व में किया गया।

प्रो. (डॉ.) अमित राज, विभागाध्यक्ष, नेत्र रोग विभाग, ने नेत्रदान के लिए आमजन की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अधिक संख्या में नेत्रदान से डोनर कॉर्निया की उपलब्धता बढ़ाने तथा कॉर्नियल प्रत्यारोपण के लिए प्रतीक्षा अवधि कम करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने नेत्रदान से जुड़े विभिन्न भ्रमों एवं तथ्यों को स्पष्ट किया तथा मरीजों एवं उनके परिजनों से संवाद कर उनके प्रश्नों का उत्तर दिया और नेत्रदान से संबंधित उनकी शंकाओं एवं चिंताओं का समाधान किया।

41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े (25 अगस्त से 08 सितंबर 2026) के अंतर्गत एम्स पटना के नेत्र रोग विभाग द्वारा आमजन एवं विद्यार्थियों को नेत्रदान के प्रति जागरूक करने तथा स्वैच्छिक नेत्रदान को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न जागरूकता एवं शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में नेत्र रोग विभाग के डॉ. सोनी सिन्हा, अतिरिक्त प्राध्यापक; डॉ. भावेश चंद्र साहा, अतिरिक्त प्राध्यापक; डॉ. देव कांत, सह प्राध्यापक; डॉ. दिव्या केसरवानी, सह प्राध्यापक; तथा डॉ. अमित राज, सह प्राध्यापक, सहित रेजिडेंट्स, ऑप्टोमेट्रिस्ट, आई बैंक काउंसलर एवं अन्य कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का समापन डॉ. अमित कुमार, सह प्राध्यापक, द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

इस कार्यक्रम के माध्यम से एम्स पटना ने नेत्रदान के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा समाज को स्वैच्छिक नेत्रदान के लिए प्रेरित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। नेत्रदान मृत्यु के बाद भी किसी अन्य व्यक्ति के जीवन में दृष्टि, आशा और नई रोशनी प्रदान करने वाला एक महान मानवीय कार्य है।

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