भिण्ड , अक्टूबर 25 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड में 40 दिन में निवेश की रकम दोगुनी करने का भरोसा देकर निवेश जुटाने वाली ऑरोरा एक्स कंपनी से जुड़े लोगों के सामने नहीं आने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। पिछले 10 दिनों से निवेशक ऐप के जरिए अपनी रकम नहीं निकाल पा रहे हैं। मामले की शिकायतें पुलिस तक पहुंचने के बाद साइबर टीम जांच में जुट गई है और जांच के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।

निवेशकों के अनुसार, कंपनी ने अगस्त में भिण्ड में कारोबार शुरू किया था। शुरुआत में पावई और पिथनपुरा क्षेत्र में लोगों को जोड़कर निवेश कराया गया, जिसके बाद इसका नेटवर्क जिले के ग्रामीण क्षेत्रों तक फैल गया। निवेशकों का कहना है कि ऐप पर ट्रेडिंग के जरिए कमाई होती दिखाई देती थी, जिससे उनका भरोसा बढ़ा और उन्होंने रकम लगाई।

निवेशकों के मुताबिक, 14 अक्टूबर से ऐप पर निकासी की सुविधा बंद हो गई। कंपनी की ओर से ऐप को प्ले स्टोर पर लाने और अपडेट करने का हवाला देकर इंतजार करने को कहा गया। व्हाट्सएप समूहों पर रकम लौटाने की तारीख लगातार आगे बढ़ाई जाती रही। आखिरी बार 23 अक्टूबर को निकासी शुरू होने का भरोसा दिया गया था, लेकिन इसके बाद कोई नया संदेश नहीं आया। इससे निवेशकों को अपनी जमा पूंजी डूबने की आशंका सताने लगी है।

कंपनी ने भिण्ड में कार्यालय खोलकर प्रचार-प्रसार भी किया था। विभिन्न स्थानों पर बैनर लगाए गए और अटेर क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों को स्कूली सामग्री वितरित की गई थी। अब कंपनी का कार्यालय लंबे समय से बंद बताया जा रहा है। कंपनी के पंजीयन और संचालन से जुड़े व्यक्ति के रूप में नीतेश तोमर का नाम सामने आया है। हालांकि, प्रभावित निवेशकों की वास्तविक संख्या और कुल निवेश राशि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

नगर पुलिस अधीक्षक निरंजन राजपूत ने बताया कि पुलिस पिछले तीन महीने से लोगों को इस तरह की निवेश योजनाओं के प्रति सचेत कर रही थी। अब तक कुछ आवेदक सामने आए हैं और साइबर टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के आधार पर जल्द प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया जाएगा।

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