चंडीगढ़ , मार्च 24 -- रियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 31 एजेंडे प्रस्तुत किए गए जिनमें से 18 को मंजूरी दी गई। लगभग छह घंटे चली इस बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने कई अहम फैसलों और मुद्दों पर जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में बी-फार्मा पदों पर योग्य उम्मीदवारों की कमी के चलते लंबे समय से रिक्तियां बनी हुई थीं। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में 6 महीने के प्रशिक्षण की अनिवार्यता में ढील देने का निर्णय लिया है, जिससे पदों को शीघ्र भरा जा सके।

कर्मचारियों को ऋण उपलब्ध कराने में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए सरकार ने एक और अहम फैसला लिया है। अब अकाउंटेंट जनरल (एजी) के माध्यम से कर्मचारियों को दोबारा ऋण मुहैया करवाने का प्रावधान किया गया है, जिससे उन्हें वित्तीय सहायता मिल सकेगी।

गैस सप्लाई से जुड़े सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि मिडल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण पूरी दुनिया में गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार ने एलपीजी के स्थान पर पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 5 लाख पीएनजी कनेक्शन हैं, लेकिन लगभग 2 लाख उपभोक्ता इनका उपयोग नहीं कर रहे हैं। सरकार इन उपभोक्ताओं को सक्रिय करने के लिए अभियान चलाएगी।

इसके अलावा, गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जा रही है और नागरिकों को सोलर चूल्हा व इलेक्ट्रिक उपकरणों के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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