हरिद्वार, फ़रवरी 24 -- उत्तराखंड के हरिद्वार में आगामी कुम्भ मेला 2027 की तैयारियों को लेकर मेला प्रशासन ने रफ्तार तेज कर दी है। स्वीकृत स्थायी विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। मेला प्रशासन ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सभी कार्य 31 अक्टूबर 2026 तक हर हाल में पूर्ण कर लिए जाएं।

मंगलवार को मेलाधिकारी सोनिका ने निर्माण कार्यों का जायजा लिया। वंही गुणवत्ता नियंत्रण के लिए नामित अधिकारी भी लगातार स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब को गंभीरता से लिया जाएगा।

इसी क्रम में मंगलवार को अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने संबंधित अधिकारियों के साथ विभिन्न निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अभियंताओं को निर्धारित समयसीमा के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने, निर्माण सामग्री की नियमित जांच कराने और गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रत्येक परियोजना की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से मेला कार्यालय को उपलब्ध कराने को भी कहा गया।

अपर मेलाधिकारी ने धनौरी-सिडकुल लिंक मार्ग पर पथरी रौ नदी एवं पुरानी गंग नहर पर प्रस्तावित पुल निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। नींव एवं पाइलिंग की तैयारियों का जायजा लेते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सेतु मेला अवधि में यातायात सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, इसलिए कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।

बहादराबाद विकासखंड में धनौरी-सिडकुल मोटर मार्ग के 8.4 किलोमीटर हिस्से में हॉटमिक्स डामरीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य भी प्रगति पर है। निरीक्षण के दौरान क्षतिग्रस्त हिस्सों को प्राथमिकता से दुरुस्त करने और समुचित ड्रेनेज व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि सड़क की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहे।

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