लखनऊ , फरवरी 9 -- उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर कार्यदायी कंपनियों को चेतावनी दी है कि 30 दिनों के भीतर सभी घरों में शुद्ध जलापूर्ति सुनिश्चित नहीं करने वाली कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही उनके अनुबंध समाप्त किए जाएंगे।
सोमवार को जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जल निगम (ग्रामीण) के लखनऊ स्थित कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक की और परियोजनाओं में ढिलाई बरतने वाली कंपनियों को अंतिम अल्टीमेटम दिया। जलशक्ति मंत्री ने बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में धीमी प्रगति को लेकर बीजीसीसी और एल एंड टी कंपनियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि समयसीमा के भीतर कार्य पूरा न होने की स्थिति में कंपनी प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, यहां तक कि जेल भेजने से भी सरकार पीछे नहीं हटेगी।
मीडिया से बातचीत में स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि बुंदेलखंड और विंध्य की अधिकांश परियोजनाओं में कार्य लगभग 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है। केवल 4-5 योजनाएं ऐसी हैं, जिनमें कार्य शेष है। करीब तीन प्रतिशत गांवों में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने या अन्य तकनीकी कारणों से जलापूर्ति प्रभावित है, जिन्हें तत्काल ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं।
समीक्षा बैठक में मंत्री ने सभी जिलों के अधिशासी अभियंताओं और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जनप्रतिनिधियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें और योजनाओं की पूरी जानकारी साझा करें। ऐसा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। साथ ही अधिकारियों को गांवों में जाकर स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने बताया कि जिन गांवों में 100 प्रतिशत घरों में जलापूर्ति शुरू हो चुकी है, वहां 8 से 22 मार्च के बीच "जल उत्सव" मनाया जाएगा। इस निर्देश के बाद राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन ने प्रदेश के लगभग 22 हजार गांवों में जल उत्सव आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है।
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