, March 25 -- लखनऊ 25 मार्च (लखनऊ) मौसम में आये बदलाव के चलते जिस तरह से तापमान बदल रहा है, उसी हिसाब से वर्ष 2027 में होने वाले उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पारा भी बदल रहा है। एक ओर जहां 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन अवसर पर विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे, वहीं अगले ही दिन 29 मार्च को समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव दादरी में 'समाजवादी समानता भाईचारा रैली' के जरिए चुनावी बिगुल फूकेंगे।

अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने चुनावी तैयारियों की औपचारिक शुरुआत पश्चिमी उत्तर प्रदेश से करने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में पार्टी की यह रैली 2027 के लिए सपा की रणनीतिक शुरुआत मानी जा रही है। पार्टी यहां से पश्चिमी यूपी में जाट व गुर्जर समीकरण को साधने की कोशिश में है।

पार्टी की तरफ से इस बार दादरी से चुनावी बिगुल फुके जाने को लेकर राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पश्चिमी यूपी के कई जिलों गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर और बागपत में भारतीय जनता पार्टी का मजबूत आधार बना हुआ है। साथ ही राष्ट्रीय लोकदल के साथ होने से भाजपा काफी मजबूत स्थिति में है। साथ ही जाट व गुर्जर वोट बैंक भाजपा के माने जाते हैं। लेकिन सत्ता और संगठन में पर्याप्त भागीदारी न मिलने से गुर्जर भाजपा से नाराज बताए जा रहे हैं।

ऐसे में गुर्जरों की नाराजगी का फायदा उठाने के लिए 2024 के लोकसभा चुनाव में देश की तीसरी बड़ी पार्टी समाजवादी पार्टी का फोकस गुर्जर समुदाय के वोटबैंक पर है। इसी क्रम में अखिलेश यादव ने पिछले साल दिल्ली से गुर्जर चौपाल का आगाज किया था, जिसकी कमान पार्टी प्रवक्ता राजकुमार भाटी को सौंपी गई थी।

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