पटना , जून 20 -- विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार ने 60 लाख किसानों को 1.20 लाख करोड़ रुपए कृषि ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

विकास आयुक्त श्री सिंह ने आज किसान क्रेडिट कार्ड योजना के क्रियान्वयन के लिए आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए 23 जून 2026 से राज्यव्यापी कृषि महाअभियान प्रारंभ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस महाअभियान का उद्देश्य राज्य के सभी पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना से जोड़ना तथा कृषि एवं कृषि-संबद्ध गतिविधियों के लिए आसान ऋण उपलब्ध कराना है।

समीक्षा के दौरान राज्य में कृषि ऋण वितरण के विस्तार, किसानों की संस्थागत ऋण तक पहुंच बढ़ाने तथा केसीसी योजना को जन-अभियान के रूप में संचालित करने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में डिजिटल माध्यमों से ऋण वितरण प्रक्रिया को सरल एवं त्वरित बनाने के लिए जन समर्थ पोर्टल को एग्री स्टैक एवं ई-केसीसी प्लेटफॉर्म से एकीकृत करने का निर्णय लिया गया। इसके माध्यम से किसानों की भूमि संबंधी जानकारी स्वतः उपलब्ध हो सकेगी तथा ऋण स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया में तेजी आएगी। किसानों को सुविधा प्रदान करने के लिए यह व्यवस्था भी की जाएगी कि वे किसी भी प्लेटफॉर्म पर आवेदन करें, आवेदन का प्रसंस्करण निर्बाध रूप से किया जा सके।

राज्य में अब तक लगभग 55 लाख किसानों को एग्री स्टैक से जोड़ा जा चुका है, जबकि डेयरी एवं मत्स्य पालन क्षेत्र के लगभग 20 लाख लाभार्थियों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया गया है। इन आंकड़ों का उपयोग करते हुए पात्र किसानों, पशुपालकों एवं मत्स्य पालकों को अभियान मोड में केसीसी से जोड़ा जाएगा।

विकास आयुक्त ने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी योजना है। वर्तमान में केसीसी के अंतर्गत किसानों को 7 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। समय पर ऋण अदायगी करने वाले किसानों को 4 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाता है, जिसमें 3 प्रतिशत, भारत सरकार तथा 1 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान बिहार सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है, जिससे किसानों के लिए ऋण की लागत काफी कम हो जाती है।

कृषि महाअभियान के दौरान राज्यभर में प्रत्येक पंद्रह दिनों पर आयोजित होने वाले सहयोग शिविरों में विशेष केसीसी कैंप लगाए जाएंगे। इन शिविरों में किसानों से आवेदन प्राप्त कर उन्हें जन समर्थ पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा तथा ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया को त्वरित गति से आगे बढ़ाया जाएगा। इस पहल के लिए बैंकों ने अपनी सहमति प्रदान कर दी है।

समीक्षा के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 में कृषि क्षेत्र में ऋण वितरण की प्रगति का भी आकलन किया गया। राज्य में किसान क्रेडिट कार्ड (फसल) के अंतर्गत 13.24 लाख खातों में 16,500 करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया गया है तथा कृषि क्षेत्र के लिए निर्धारित वार्षिक साख योजना के विरुद्ध 76,193.87 करोड़ रुपए का ऋण वितरण किया जा चुका है।

बैठक में वित्त विभाग, सहकारिता विभाग, कृषि विभाग, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, कॉमफेड, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति तथा विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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