लखनऊ , अगस्त 1 -- उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को जोड़ने के अभियान में तेज प्रगति का दावा किया है।

सरकार के अनुसार, बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में योजना शुरू होने के 22 दिनों के भीतर 5.23 लाख से अधिक शिक्षक-कार्मिकों की ई-केवाईसी पूरी कर ली गई है, जबकि उच्च शिक्षा विभाग में शुभारंभ के चार दिनों के भीतर करीब 47 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है।

सरकारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पिछली 20 फरवरी को शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की थी। इसके बाद आवश्यक तैयारियां पूरी कर आठ जुलाई को वाराणसी से बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए योजना का शुभारंभ किया गया। वहीं, 26 जुलाई को आगरा से उच्च शिक्षा विभाग को भी इस योजना के दायरे में शामिल किया गया।

सरकार के मुताबिक, तीनों शिक्षा विभागों के कुल 12,89,018 पात्र शिक्षक-कार्मिकों में से अब तक 5,40,878 शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित ई-केवाईसी पूरी कर योजना से जुड़ चुके हैं। ई-केवाईसी पूरी होने के बाद लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी।

बयान के अनुसार, बेसिक शिक्षा विभाग में 11,03,464 पात्र लाभार्थियों में से 4,57,390 ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है। माध्यमिक शिक्षा विभाग में 1,47,543 पात्र लाभार्थियों में से 65,754 शिक्षक-कार्मिकों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। वहीं, उच्च शिक्षा विभाग में 38,011 पात्र लाभार्थियों में से 17,734 लाभार्थियों ने चार दिनों के भीतर ई-केवाईसी पूरी कर ली है।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शासन और विभागीय स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी जिलों और शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक पात्र शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी तथा उनके आश्रित की ई-केवाईसी समयबद्ध ढंग से पूरी कराई जाए, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

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