प्रयागराज , अप्रैल 17 -- उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा है कि 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिले।

उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम, नोएडा श्रमिक विवाद, पश्चिम बंगाल चुनाव और विपक्षी दलों को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में नए संसद भवन में महिला आरक्षण विधेयक पारित कराया। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार विशेष सत्र में इस विषय पर चर्चा करा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सभी दलों से अपील की है कि यदि कोई नारी शक्ति वंदन अधिनियम का श्रेय लेना चाहता है तो ले सकता है, लेकिन महिलाओं के अधिकारों का विरोध नहीं होना चाहिए।

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा 33 फीसदी आरक्षण में मुस्लिम महिलाओं को अलग से आरक्षण देने की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए केशव मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव मुसलमानों को वोट बैंक बनाकर रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि संविधान में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है और यह केवल तुष्टीकरण की राजनीति है। यदि अखिलेश यादव चाहते हैं तो अपनी पार्टी में जितनी मुस्लिम महिलाओं को चाहें टिकट दे सकते हैं।

नोएडा में उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों के बवाल की शुरुआती जांच में पाकिस्तानी कनेक्शन और अर्बन नक्सल की बात सामने आने पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की है। उन्होंने कहा कि सरकार श्रमिकों और सेवा प्रदाता कंपनियों दोनों के हितों का ध्यान रखेगी। साथ ही चेतावनी दी कि किसी को कानून व्यवस्था हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने दावा किया कि राज्य में पहली बार बड़े अंतर से कमल खिलने जा रहा है और वहां भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के आरोपों पर मौर्य ने कहा कि कांग्रेस या अन्य विपक्षी दल चाहें तो इसका श्रेय ले लें, लेकिन यदि विरोध करेंगे तो महिलाएं जवाब देंगी। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा महिला आरक्षण के समर्थन में रही है।

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