भोपाल , अक्टूबर 06 -- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत 'सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज' के पंजीयन का शुभारंभ कर सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 प्रदेश में युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा और मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की एक वर्ष में एक के बजाय दो परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। प्रदेश में 12 नए मेडिकल कॉलेज और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के लिए 12 नए विश्वविद्यालय शुरू किए जाएंगे।

डॉ. यादव ने कहा कि 2027 युवा वर्ष के लिए एक पोर्टल शुरू किया जाएगा, जिस पर युवा अपने विचार और सुझाव दे सकेंगे। प्रदेश के एक लाख युवाओं को कौशल उन्नयन योजना से जोड़ा जाएगा। सभी जिलों के शासकीय महाविद्यालयों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी। महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के बेहतर प्लेसमेंट के लिए विशेष एजेंसी निर्धारित की जाएगी। स्नातकोत्तर छात्राओं को गांव की बेटी और प्रतिभा किरण योजना में शामिल किया जाएगा। सभी शासकीय महाविद्यालयों में अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस कम्प्यूटिंग लैब स्थापित की जाएंगी। शोधार्थियों को मिलने वाली राशि 16 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के स्टार्टअप आइडिया को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य स्तर पर पांच करोड़ रुपये का आइडिया फंड बनाया जाएगा। विश्वविद्यालय स्तर पर भी शोध को प्रोत्साहित किया जाएगा। राष्ट्रीय सेवा योजना की प्रदेश में 500 नई इकाइयां बनाई जाएंगी और प्रत्येक संभाग में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे। वर्ष 2027 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया जाएगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

उन्होंने कहा कि बदलते दौर में भारत दुनिया का सबसे युवा देश है और युवा शक्ति के बल पर भारत तथा मध्यप्रदेश आगे बढ़ेगा। मध्यप्रदेश सबसे युवा प्रदेश है और यहां बेरोजगारी दर देश में सबसे कम है। उन्होंने बताया कि एशियन गेम्स-2026 में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने पांच स्वर्ण पदक जीते हैं।

डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सात अक्टूबर को पूर्ण हो रहे हैं। उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में प्रदेश में कई कार्य हुए हैं। मध्यप्रदेश को पहले कृषि आधारित प्रदेश माना जाता था, लेकिन पिछले ढाई वर्ष में उद्योग, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, मेडिकल एजुकेशन और आईटी क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा है। प्रदेश सरकार ने सभी शासकीय विभागों में 85 हजार युवाओं को नौकरी दी है। उन्होंने कहा कि राज्य में नॉलेज सिटी और साइंस सिटी आकार ले रही हैं। सरकार का प्रयास है कि युवा नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। इसके लिए इंदौर, रीवा और उज्जैन में आईटी पार्क तथा ग्वालियर में देश का सबसे बड़ा टेलीकम्युनिकेशन केंद्र बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं के बीच पहुंचकर उनसे उनके सपनों, आकांक्षाओं और राज्य सरकार से अपेक्षाओं पर संवाद किया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर राष्ट्रीय एआई लिटरेसी मिशन के कौशल रथ की गतिविधियों का अवलोकन किया तथा युवाओं द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक देखा। मानसिक स्वास्थ्य, योग, कॅरियर गाइडेंस, भारतीय ज्ञान परंपरा, कौशल उन्नयन, आयुष और नवाचार से उद्यमिता सहित विभिन्न विषयों पर लगाए गए स्टॉल का भी अवलोकन किया।

सीएम यूथ कॉन्क्लेव में गायक जुबिन नौटियाल और कबीर कैफे ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। मुख्यमंत्री ने जुबिन नौटियाल के साथ छात्रों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिवादन किया। उन्होंने रोबोट 'बडी' से हाथ मिलाकर उसके साथ वॉक भी की। कार्यक्रम में 'सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज' के पंजीयन का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के उद्योगों और विकसित भारत-2047 पर लघु फिल्म का प्रदर्शन तथा 'डॉ. मोहन यादव के संग-बदलाव के रंग' की रॉक शैली में वीडियो प्रस्तुति दी गई।

कार्यक्रम को मध्यप्रदेश शासन के मंत्री इंदर सिंह परमार ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मंत्री कृष्णा गौर, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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