नयी दिल्ली , नवंबर 01 -- मतदाता सूचियों के संशोधन में गड़बड़ियों के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी में 'इंडिया' गठबंधन की 'चलो दिल्ली' रैली के जवाब में सत्तारूढ़ भाजपा ने देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन और पदयात्राएं आयोजित कीं। इसमें पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई शीर्ष नेता सड़कों पर उतरे।

पश्चिम दिल्ली में दंगा पीड़ितों के परिवारों के साथ भाजपा ने मार्च निकाला, जिसमें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी शामिल हुए।

उधर भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने हरियाणा के रोहतक में और महायुति के सहयोगियों ने मुंबई में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा निकाली।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी के दिन रैली करने पर श्री राहुल गांधी की तीखी आलोचना की। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी एक नवंबर के काले इतिहास को नहीं छिपा सकते और देश 'दंगा-आधारित राजनीति' के बजाय संविधान और जनादेश से चलेगा।

श्री नड्डा ने इस रैली को जनता द्वारा नकारे गए दलों का ड्रामा बताते हुए इसे कांग्रेस के राजनीतिक पतन की आखिरी कील करार दिया। श्री नड्डा ने कहा कि इस काले दिन पर जहां देश को पीड़ितों को याद करना चाहिए था, वहीं श्री गांधी रामलीला मैदान में सिर्फ अपना राजनीतिक एजेंडा साधने में लगे हैं।

हरदीप पुरी ने 1984 में सिखों पर हुए अत्याचारों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।

श्री नवीन ने 2029 में फिर भाजपा सरकार बनने का दावा किया। कांग्रेस ने भाजपा की जवाबी रैलियों को उसकी घबराहट बताया, जबकि भाजपा सूत्रों ने कहा कि पार्टी ने सिर्फ संवाददाता सम्मेलन करने के बजाय सीधे सड़कों पर उतरकर विपक्ष को उसी की भाषा में जवाब दिया है।

भाजपा नेताओं ने श्री गांधी पर लोकतंत्र के नाम पर देश में अराजकता फैलाने की साजिश का आरोप लगाया। श्री नवीन ने कहा कि दंगे की बरसी पर प्रदर्शन करने के बजाय श्री गांधी को माफी मांगनी चाहिए थी।

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