देवरिया , जुलाई 31 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) किसान मोर्चा ने शुक्रवार को 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों की स्मृति में देवरिया के पैना गांव के वीर क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पैना के वीरों ने अंग्रेजों को कड़ी चुनौती देते हुए उनके हथियार और खजाना अपने कब्जे में ले लिया था तथा गांव को लगभग दो माह तक अंग्रेजी शासन से मुक्त रखा।

रामलीला मैदान स्थित शहीद स्मारक पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाजपा किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर अमर शहीदों को नमन किया।

किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष पवन कुमार मिश्र ने कहा कि वर्ष 1857 की क्रांति के दौरान पैना के वीरों ने आजमगढ़ से सरयू नदी मार्ग के जरिए बरहज ले जाए जा रहे अंग्रेजों के हथियार और खजाने पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद पैना गांव लगभग दो महीने तक अंग्रेजी शासन से मुक्त रहा।

उन्होंने कहा कि इससे क्रोधित अंग्रेजी हुकूमत ने 31 जुलाई 1857 को पैना गांव को चारों ओर से घेरकर हमला किया, जिसमें 395 ग्रामीण वीरगति को प्राप्त हुए। उन्होंने बताया कि अपने पतियों और पुत्रों की शहादत का समाचार मिलने पर गांव की अनेक महिलाओं ने सरयू नदी में कूदकर अपने प्राणों की आहुति दी।

भाजपा के पूर्व जिला मीडिया प्रभारी अंबिकेश पांडेय ने कहा कि पैना के अमर क्रांतिकारियों का बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि देशवासियों को उनके साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेनी चाहिए।

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