इटावा , जुलाई 21 -- उत्तर प्रदेश के इटावा में वर्ष 2008-09 के बहुचर्चित 14 करोड़ रुपये से अधिक के छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संत बीडीएस पब्लिक स्कूल के प्रबंधक लाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। घोटाले के सामने आने के करीब 18 वर्ष बाद हुई इस गिरफ्तारी को मामले में पहली बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

आर्थिक अपराध शाखा के प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि विशेष अभियान के तहत जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर लाल सिंह को फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया। आरोपी पर वर्ष 2008-09 में छात्रवृत्ति राशि के दुरुपयोग और गबन का आरोप है।

उन्होंने बताया कि छात्रवृत्ति घोटाला उजागर होने के बाद इटावा के सिविल लाइंस थाने में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी गई थी। जांच में सामने आया कि संत बीडीएस पब्लिक स्कूल, अवंती नगर मानिकपुर मोड़ के प्रबंधक लाल सिंह ने वर्ष 2008-09 में विभिन्न वर्गों के छात्रों के नाम पर लगभग एक करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति राशि के गबन में भूमिका निभाई थी। विवेचना में मिले साक्ष्यों के आधार पर उनकी गिरफ्तारी की गई है।

ईओडब्ल्यू के अनुसार इटावा में वर्ष 2008-09 के दौरान कक्षा एक से दस तक के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक तथा सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों की फर्जी संख्या दर्शाकर छात्रवृत्ति की राशि का व्यापक स्तर पर दुरुपयोग किया गया था। मामले की जांच छह मई 2010 को शासन द्वारा आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी गई थी।

विवेचना में स्कूल प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कथित मिलीभगत से करोड़ों रुपये के गबन की पुष्टि होने के बाद आर्थिक अपराध शाखा, कानपुर सेक्टर ने दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कीं। पहली एफआईआर 14.03 करोड़ रुपये तथा दूसरी 57.76 लाख रुपये के कथित घोटाले से संबंधित है। दोनों मामलों में कुल 154 लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें तत्कालीन विभागीय अधिकारी, शिक्षा विभाग के कर्मचारी, स्कूल प्रबंधक और प्रधानाचार्य शामिल हैं।

आर्थिक अपराध शाखा के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों के विरुद्ध भी जल्द ही गिरफ्तारी सहित आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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