दंतेवाड़ा, 07 जून 2026 ( वार्ता ) छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के प्रत्येक दिव्यांग बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य, पुनर्वास एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में 18 वर्ष तक केआयु के दिव्यांग बच्चों के चिन्हांकन हेतु विशेष सर्वेक्षण अभियान संचालित किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर एवं पदेन जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा की देवेश कुमार ध्रुव की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित कर अभियान की रूपरेखा तय की गई।
बैठक में शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य तथा समाज कल्याण विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले का कोई भी दिव्यांग बच्चा सर्वेक्षण से वंचित न रहे तथा प्रत्येक पात्र बच्चे तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बैठक में बताया गया कि यह अभियान केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि ऐसे बच्चों की पहचान का महत्वपूर्ण प्रयास है जो किसी कारणवश शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं अथवा पुनर्वास सुविधाओं से दूर हैं। सर्वेक्षण के माध्यम से चिन्हांकित बच्चों को समावेशी शिक्षा, सहायक उपकरण, चिकित्सकीय परामर्श, विशेष प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति एवं अन्य शासकीय योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
सर्वेक्षण को प्रभावी बनाने के लिए जिले के प्रत्येक विद्यालय से एक शिक्षक को "इनक्लूसिव एजुकेशन एम्बेसडर" के रूप में चयनित किया जाएगा। इन शिक्षकों को दिव्यांगता की प्रारंभिक पहचान, डेटा संकलन एवं समावेशी शिक्षा से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम 8 जून से 15 जून 2026 तक आयोजित होगा।
प्रशिक्षण के बाद 16 जून से 7 जुलाई 2026 तक जिले के सभी ग्रामों एवं वार्डों में घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके लिए शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मितानिन एवं स्वास्थ्य कर्मियों की संयुक्त टीमों का गठन किया जाएगा। सर्वेक्षण दलों को विशेष शिक्षकों एवं बीआरपी द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संकुल स्तर पर सर्वे प्रपत्रों का संकलन 8 से 10 जुलाई, विकासखण्ड स्तर पर डेटा एंट्री एवं सत्यापन 11 से 13 जुलाई तथा जिला स्तर पर अंतिम सत्यापन 14 से 17 जुलाई 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद समावेशी शिक्षा प्रकोष्ठ द्वारा अंतिम प्रतिवेदन तैयार कर आगे की योजनाओं के क्रियान्वयन की कार्यवाही की जाएगी।
जिला मिशन समन्वयक, समग्र शिक्षा को अभियान का जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग को 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की पहचान, जबकि स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सकीय सत्यापन एवं तकनीकी सहयोग का दायित्व सौंपा गया है।
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