पंचकूला , जुलाई 26 -- हरियाणा सरकार ने अंत्योदय मेलों को गरीब परिवारों को योजनाओं से जोड़ने के साथ उन्हें रोजगार और स्वरोजगार उपलब्ध कराने का बड़ा माध्यम बनाने का दावा किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को कहा कि राज्य में अब तक आयोजित 166 अंत्योदय मेलों के जरिए 55,422 जरूरतमंद परिवारों को आजीविका के अवसरों से जोड़ा जा चुका है, जबकि लाखों परिवारों को एक ही मंच पर सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया है।

लाडवा स्थित आईजीएन कॉलेज में आयोजित जिला स्तरीय अंत्योदय मेले में मुख्यमंत्री ने कहा कि ये मेले केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आशा, अवसर और आत्मनिर्भरता के मेले हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अब पात्र लोगों के आवेदन का इंतजार नहीं कर रही, बल्कि स्वयं उनके घर-घर पहुंचकर उन्हें योजनाओं से जोड़ रही है।

श्री सैनी ने बताया कि अंत्योदय मेलों में 19 विभागों की 47 योजनाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक 4.24 लाख परिवारों को आमंत्रित किया गया, जिनमें से 1.88 लाख परिवार मेलों में पहुंचे। इनमें 1.52 लाख पात्र परिवारों के आवेदन संबंधित विभागों को भेजे गए, जबकि 55,422 लाभार्थियों को स्वरोजगार, कौशल विकास, वित्तीय सहायता और अन्य आजीविका आधारित योजनाओं का लाभ मिल चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को स्थायी आय के स्रोत उपलब्ध कराकर उन्हें गरीबी से बाहर निकालना है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार, महिलाओं को स्वरोजगार, श्रमिकों को सरकारी योजनाओं और जरूरतमंद परिवारों को बैंक ऋण, प्रशिक्षण तथा वित्तीय समावेशन से जोड़ने का काम एकीकृत व्यवस्था के तहत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) के माध्यम से करीब 40 लाख परिवारों के बीपीएल कार्ड स्वत: बनाए गए हैं। वहीं आयुष्मान भारत-चिरायु योजना के तहत लगभग 30 लाख लोगों को 4,314 करोड़ रुपये का नि:शुल्क उपचार मिल चुका है। राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

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