जालना , सितंबर 12 -- महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटील ने आज घोषणा की कि वह मुंबई की ओर मार्च करेंगे और 15 सितंबर से आज़ाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों से विरोध प्रदर्शन के दौरान शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की।

उन्होंने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए सरकार, खासकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आग्रह किया कि वे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए अवरोधक न लगाएं। उन्होंने एक शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन में बाधा डालने की ज़रूरत पर सवाल उठाया और पूछा कि क्या सरकार राज्य में अस्थिरता पैदा करना चाहती है।

श्री जरांगे पाटील ने कहा कि उन्होंने वादा किया था कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा और प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे उस वादे को न तोड़ें। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आंदोलन के दौरान खून-खराबा होता है, तो महाराष्ट्र के लोगों को पूरे राज्य में बंद का आयोजन करके इसका जवाब देना चाहिए।

उन्होंने कहा, "अगर कोई घायल होता है या खून बहता है, तो जो मराठा मुंबई नहीं आ सकते, उन्हें अपने-अपने तालुका में धरना देना चाहिए। सब कुछ ठप हो जाना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि वह "कोई संत नहीं हैं" और अगर अधिकारियों ने गलत तरीके से काम किया तो वह इसका जवाब देंगे।

उन्होंने समर्थकों से यह भी अपील की कि वे आंदोलन में शामिल होने के लिए उधार न लें। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की इच्छा रखने वाली महिलाओं को रोका नहीं जाएगा और सुझाव दिया कि हर घर से एक महिला इसमें हिस्सा ले सकती है।

सरकार की मशहूर 'लाडकी बहिन' योजना को लेकर श्री फडणवीस और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर तंज कसते हुए, श्री जरांगे पाटील ने मराठा महिलाओं से अपने घरों के बाहर हल्दी-कुंकू कार्यक्रम आयोजित करने का आग्रह किया।

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