पटना , जून 15 -- बिहार में मानसून अवधि के दौरान 15 जून से 15 अक्टूबर तक नदियों से बालू खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि बिहार सरकार विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु के दौरान नदियों से बालू खनन पर रोक पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन और नदी पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम है।

डॉ. कुमार ने बताया कि प्रतिबंध अवधि में निर्माण कार्यों और आम नागरिकों को बालू की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने स्टॉकिस्ट लाइसेंसधारियों तथा बालू घाटों के सेकेंडरी लोडिंग प्वाइंट्स के माध्यम से पर्याप्त आपूर्ति की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि राज्य में बालू का पर्याप्त भंडारण मौजूद है, जिससे विकास योजनाओं और निर्माण गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

मंत्री ने कहा कि सरकार अवैध खनन और अवैध परिवहन पर विशेष निगरानी रखेगी। इसके लिए संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे मानसून के दौरान किसी भी तरह की अवैध गतिविधि पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल खनन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए राज्य की पांच प्रमुख नदियों सोन, किऊल, फल्गु, मोरहर और चानन में सीएमपीडीआई द्वारा बालू के पुनर्भरण का वैज्ञानिक अध्ययन कराया जा रहा है। इस अध्ययन के आधार पर भविष्य में खनन प्रबंधन को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा पर्यावरण-सम्मत बनाया जाएगा।

खान एवं भूतत्व विभाग ने लोगों से अपील की है कि अवैध खनन, अवैध परिवहन या खनिजों से संबंधित किसी भी शिकायत अथवा सूचना के लिए विभाग के हेल्पलाइन नंबर 9472238821 पर संपर्क करें। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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