रायपुर , सितंबर 25 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छत्तीसगढ़ स्थित रायपुर जोनल कार्यालय ने 15 करोड़ रुपए की कथित ठगी और धन शोधन के मामले में कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ केके श्रीवास्तव के खिलाफ विशेष न्यायालय (पीएमएलए), रायपुर में अभियोजन परिवाद दाखिल किया है। ईडी ने 23 सितंबर 2026 को यह कार्रवाई की। इससे एक दिन पहले 22 सितंबर को जांच एजेंसी ने पीएमएलए के तहत आरोपी की करीब 3.25 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था।
ईडी से आज मिली जानकारी के अनुसार ईडी ने मामले की जांच रायपुर के तेलीबांधा थाने में दर्ज एफआईआर और उसके आधार पर छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से केके श्रीवास्तव तथा अन्य आरोपियों के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र के आधार पर शुरू की थी। प्रकरण में ठगी, जालसाजी, आपराधिक धमकी और आपराधिक साजिश से संबंधित आरोप शामिल हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार जून 2023 में केके श्रीवास्तव ने रावत एसोसिएट्स के संचालक को कथित तौर पर करीब 500 करोड़ रुपए का रायपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट सब-कॉन्ट्रैक्ट के लिए उपलब्ध होने का भरोसा दिलाया था। इसके लिए 15 करोड़ रुपए की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी जमा करने की बात कही गई। इसके बाद रावत एसोसिएट्स की ओर से 15 करोड़ रुपए पांच बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए।
ईडी ने जांच में इन बैंक खातों को लेकर भी अनियमितताएं सामने आने का दावा किया है। एजेंसी के मुताबिक, जिन लोगों के नाम पर खाते खोले गए थे, उनकी जानकारी के बिना कथित तौर पर फर्जी तरीके से खाते खोले गए थे। संबंधित संस्थाएं अपने पंजीकृत पते पर भी मौजूद नहीं मिलीं।
ईडी की जांच में आरोप है कि कथित ठगी से प्राप्त रकम को शेल और कंड्यूट संस्थाओं के नेटवर्क के जरिए विभिन्न स्तरों पर घुमाया गया। इसके बाद फर्जी व्यावसायिक विवरण, जैसे माल ढुलाई शुल्क और कंटेनर लीजिंग के नाम पर रकम विदेश भेजी गई। जांच एजेंसी के अनुसार रकम के लाभार्थी दुबई, हांगकांग, चीन और सिंगापुर में स्थित थे।
ईडी के मुताबिक, 15 करोड़ रुपए में से 3.40 करोड़ रुपए संदिग्ध और विभिन्न स्तरों से घुमाए गए धन से पीड़ित को वापस किए गए तथा इसे सामान्य भुगतान के रूप में दिखाया गया। शेष 11.60 करोड़ रुपए की राशि अब तक वापस नहीं की गई है।
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