मथुरा , मार्च 7 -- मथुरा में करीब 14 साल पहले गायब हुई एक किशोरी को न केवल बंधक बनाकर रखा गया, बल्कि उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराकर दुष्कर्म भी किया गया। पीड़िता को अब महाराणा प्रताप सेना के कार्यकर्ताओं की मदद से रेस्क्यू कर वापस लाया गया है। आरोपी ने पीड़िता के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उसके नाम पर लाखों का लोन भी ले डाला।

मूल रूप से अलीगढ़ की रहने वाली पीड़िता ने बताया कि साल 2012 में वह मथुरा के गोविंद नगर थाना क्षेत्र स्थित 'कल्याणं करोति' संस्थान में पढ़ाई करती थी। उस दौरान मुन्ना नामक एक युवक अक्सर उससे छेड़छाड़ करता था। एक दिन आरोपी ने उसे नशीला पदार्थ सुंघाया और बेहोशी की हालत में उसे बिहार ले गया।

पीड़िता का आरोप है कि बिहार ले जाकर उसे 14 साल तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया गया और दबाव बनाकर उसका धर्म परिवर्तन करा दिया गया। इतना ही नहीं, आरोपी मुन्ना अंसारी ने पीड़िता के आधार कार्ड और पैन कार्ड में भी नाम बदलवा दिया। शातिर आरोपी ने पीड़िता के इन्हीं फर्जी दस्तावेजों पर बैंक से 5 लाख रुपये का लोन भी निकाल लिया। पीड़िता की अब एक बेटी भी है।

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब महाराणा प्रताप सेना के कार्यकर्ताओं को इसकी भनक लगी। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एपी सिंह ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने करीब एक महीने तक कड़ी मशक्कत कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और युवती को आरोपी के चंगुल से छुड़ाकर मथुरा वापस लाए। साल 2012 में पीड़िता की गुमशुदगी की रिपोर्ट गोविंद नगर थाने में दर्ज कराई गई थी।

गोविंद नगर थाना प्रभारी रवि त्यागी के अनुसार, पूर्व में दर्ज की गई गुमशुदगी की फाइल समय बीतने के साथ बंद हो चुकी थी। अब पीड़िता की ओर से नया प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुआ है। पुलिस ने आरोपी मुन्ना अंसारी के खिलाफ जांच शुरू कर दी है और जल्द ही कड़ी कानूनी कार्रवाई की बात कही है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित