देवरिया , जुलाई 20 -- उत्तर प्रदेश में देवरिया जिले की एक सत्र अदालत ने 11 वर्ष पुराने दोहरे हत्याकांड में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार अपर सत्र न्यायाधीश, कक्ष संख्या-4 की अदालत ने सोमवार को बरहज थाना क्षेत्र के चर्चित दोहरे हत्याकांड में आरोपी उदयभान गिरी और पंकज गिरी को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302/34 के तहत हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अदालत ने दोनों दोषियों को साक्ष्य मिटाने के अपराध में आईपीसी की धारा 201 के तहत दो-दो वर्ष के कठोर कारावास तथा 10-10 हजार रुपये अतिरिक्त अर्थदंड से भी दंडित किया। इस प्रकार प्रत्येक दोषी पर कुल 60-60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अदालत ने आदेश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा न्यायिक हिरासत में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
अभियोजन के अनुसार 4 दिसंबर 2014 को जौनपुर जिले के चंदवक थाना क्षेत्र के मढ़ी गांव निवासी नीरज कुमार सिंह और अंकित सिंह टड़िया गांव निवासी पूजा के बुलावे पर देवरिया आए थे। इसके बाद दोनों संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। काफी तलाश के बाद भी उनका पता नहीं चलने पर परिजनों ने पहले गुमशुदगी और बाद में हत्या कर शव छिपाने का मुकदमा दर्ज कराया था।
विवेचना और सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए यह फैसला सुनाया।
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