संभल , जुलाई 02 -- उत्तर प्रदेश के संभल जिले में लगभग 101 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन घोटाले के मामले में नगर पालिका परिषद संभल के पूर्व अधिशासी अधिकारी राजकुमार गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने गुरुवार को बताया कि संभल-मुरादाबाद मार्ग स्थित करीब 101 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन को फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से अवैध रूप से बेचकर सरकार को नुकसान पहुंचाने के आरोप में कोतवाली संभल में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में तत्कालीन अधिशासी अधिकारी राजकुमार गुप्ता को भी नामजद किया गया था।
आरोप है कि नगर पालिका परिषद संभल में अधिशासी अधिकारी के पद पर तैनाती के दौरान राजकुमार गुप्ता ने निजी लाभ के लिए अन्य आरोपियों से सांठगांठ की। उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अन्य आरोपियों के पक्ष में निजी शपथपत्र दाखिल किया, जिसके परिणामस्वरूप ग्राम समाज की जमीन से संबंधित रिट याचिका समाप्त हो गई और अन्य आरोपियों को लगभग 101 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी भूमि का लाभ मिला।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वर्तमान में राजकुमार गुप्ता शाहजहांपुर नगर निगम में सहायक नगर आयुक्त के पद पर तैनात हैं। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें प्रयास कर रही हैं।
पुलिस ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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