चंडीगढ़ , जुलाई 15 -- हरियाणा में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान (चरण-2) के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित स्क्रीनिंग अभियान से 104 दिनों में 25,666 नए टीबी मरीजों की पहचान की गयी है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि 24 मार्च 2026 से शुरू हुआ, यह अभियान टीबी की समय रहते पहचान और उपचार सुनिश्चित कर संक्रमण की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि अभियान के तहत पारंपरिक पद्धति के बजाय सक्रिय केस फाइंडिंग (एसीएफ) रणनीति अपनायी गयी है। इसके तहत स्वास्थ्य टीमें उच्च जोखिम वाले गांवों और शहरी क्षेत्रों में जाकर लोगों की जांच कर रही हैं, जिससे ऐसे मरीजों की भी पहचान हो रही है जिनमें शुरुआती लक्षण स्पष्ट नहीं थे।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि राज्य में एआई आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों और 'कफ अगेंस्ट टीबी मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा, वल्नरेबिलिटी मैपिंग के जरिए 2,111 संवेदनशील गांवों और शहरी वार्डों की पहचान कर वहां विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाया गया।

24 मार्च से पांच जुलाई के बीच 3,914 स्वास्थ्य शिविर आयोजित किये गये, जिनमें 4.73 लाख से अधिक लोगों की जांच की गयी। इस दौरान 2.25 लाख से अधिक छाती के एक्स-रे और 1.25 लाख एनएएटी परीक्षण किये गये, जिनके आधार पर 25,666 नये टीबी मरीजों का पता चला।

टीबी मरीजों के पोषण और उपचार सहायता के लिए 23,962 पोषण किट वितरित की गयीं, जबकि 2,635 नए निक्षय मित्र अभियान से जुड़े। राज्य में 65 निक्षय वाहन दूरदराज क्षेत्रों में जांच और निदान सेवाएं दे रहे हैं। टीबी जांच को आयुष्मान आरोग्य शिविरों से भी जोड़ा गया है, जिससे लोगों को एक ही स्थान पर टीबी और अन्य प्रमुख बीमारियों की जांच की सुविधा मिल रही है।

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