मुंबई , अक्टूबर 21 -- ोनी सब के धारावाहिक 'हस्तिनापुर के वीर' में राधे के न्याय के लिए आवाज उठाने से नया संघर्ष शुरू होने वाला है। राधे का किरदार निभा रहे वेंकटेश पांडे भीष्म पितामह (मनीष वाधवा) के फैसले पर सवाल उठाते नजर आएंगे।
आगामी एपिसोड में हस्तिनापुर के पैदल सैनिक के रूप में अपनी यात्रा शुरू करने वाला राधे सुरक्षा में चूक के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है, जिससे धृतराष्ट्र (संदीप मोहन) की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। सजा मिलने के बावजूद राधे सच उजागर करने से इनकार कर देता है। उसका मानना है कि सत्ता में बैठे लोगों को भी अपने फैसलों के लिए जवाबदेह होना चाहिए।
सजा की निष्पक्षता पर सवाल उठाने के कारण राधे और भीष्म पितामह के बीच तनाव बढ़ जाता है। इसके बाद राधे को पिंजोरी की सीमा पर भेज दिया जाता है, जहां उसकी राह अप्रत्याशित रूप से पांडवों से मिलती है।
भीष्म पितामह की भूमिका निभा रहे मनीष वाधवा ने कहा कि भीष्म के लिए न्याय और अनुशासन हस्तिनापुर की नींव हैं। राधे का सजा पर सवाल उठाना उनके अधिकार को चुनौती देता है। एक ओर भीष्म को राज्य की व्यवस्था बनाए रखनी है, वहीं दूसरी ओर राधे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने पर अडिग है। दोनों के अलग-अलग दृष्टिकोण से हस्तिनापुर में नए संघर्ष की शुरुआत होगी।
धारावाहिक 'हस्तिनापुर के वीर' में महाभारत के प्रमुख पात्रों के बचपन और उन अनुभवों को दिखाया गया है, जिन्होंने उनके विचारों और नियति को आकार दिया।
'हस्तिनापुर के वीर' का प्रसारण हर सोमवार से शनिवार रात नौ बजे सोनी सब पर होता है।
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