नयी दिल्ली , जुलाई 01 -- कांग्रेस ने विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण(वीबी-जी राम जी) के तहत केंद्र सरकार से अधिसूचित दैनिक मजदूरी की दरों को बहुत कम बताते हुए ग्रामीण श्रमिकों के साथ अन्याय करार देते हुए कहा कि महंगाई तथा बढ़ती जीवन-यापन लागत के बीच अधिकांश राज्यों में करीब 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी अपर्याप्त है, इसलिए इसमें वृद्धि की जानी चाहिए।

कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने बुधवार को यहां एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार ने वीबी-जी राम जी के तहत श्रमिकों के लिए दैनिक मजदूरी दरों की अधिसूचना जारी की है, लेकिन ये दरें अनुचित रूप से बहुत कम हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव में अपने 'श्रमिक न्याय' कार्यक्रम के तहत मनरेगा सहित सभी श्रमिकों के लिए प्रतिदिन 400 रुपये राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी देने की गारंटी दी थी।

श्री रमेश ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा गठित अर्थशास्त्री डॉ. अनूप सत्पथी की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञ समिति ने 2019 में राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी 375 रुपये प्रतिदिन निर्धारित करने की सिफारिश की थी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास संबंधी संसदीय स्थायी समिति भी लगातार मनरेगा श्रमिकों के लिए अधिक मजदूरी की सिफारिश करती रही है।

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