हाजीपुर , अगस्त 25 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, बिदुपुर में 'सात निश्चय-3' के अंतर्गत 'सबका सम्मान, जीवन आसान' अभियान के तहत 'विद्यार्थी सहयोग शिविर का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य बिहार के शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की समस्याओं, शिकायतों एवं सुझावों का प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय के प्रशासनिक-सह-शैक्षणिक भवन के फैकल्टी रूम में स्थापित सूचना-सहायता काउंटर का अवलोकन किया और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं जानकारियों के संबंध में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनकी समस्याएं, शिकायतें एवं सुझावों को सुना। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की जो भी समस्याएं हैं, उनका निष्पादन किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, वैशाली में इंटरनेट कनेक्टिविटी और निर्बाध बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों के पठन-पाठन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। जब तक सभी विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल की स्थायी व्यवस्था उपलब्ध नहीं हो जाती, तब तक अस्थायी तौर पर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बिहार एक अनोखा राज्य है, जहां मात्र 10 रुपये में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई जा रही है। इंजीनियरिंग कॉलेजों में विद्यार्थियों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा, जिससे उन्हें पढ़ाई में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। विद्यार्थियों के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इंजीनियरिंग कॉलेज कैंपस के आसपास प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने के लिए इस प्रकार स्थल का चयन किया जाए, जिससे विद्यार्थियों के साथ-साथ बाहरी लोग भी इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि बिहार के सभी इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक संस्थान एवं अंबेडकर छात्रावासों में जन औषधि केंद्र खोले जा सकें, यह सुनिश्चित किया जाएगा।
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