नयी दिल्ली , जुलाई 28 -- देश भर के क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) ने वित्त वर्ष 2025-26 में 10,177 करोड़ रुपये का अब तक का सर्वाधिक शुद्ध लाभ अर्जित किया और इनके अन्य प्रमुख वित्तीय मानकों में भी लगातार सुधार दर्ज किया गया है।
यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
उन्होंने कहा कि सरकार नियमित प्रदर्शन समीक्षा, प्रौद्योगिकी उन्नयन तथा वित्तीय समावेशन पहलों के माध्यम से क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को सशक्त बना रही है। प्रधानमंत्री जन धन योजना , प्रधानमंत्री मुद्रा योजना , प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना , प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा अटल पेंशन योजना के अंतर्गत क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की प्रगति की सरकार समय-समय पर समीक्षा करती है, ताकि वित्तीय समावेशन को और मजबूत किया जा सके।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय स्तर पर क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के प्रदर्शन और उनकी वित्तीय स्थिति की नियमित समीक्षा करती है और पिछले चार वित्तीय वर्षों के दौरान वित्त मंत्री की अध्यक्षता में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की समीक्षा बैठकें देश भर में अलग अलग जगहों पर आयोजित की गई हैं।
उन्होंने पिछले तीन वित्त वर्षों 2023-24, 2024-25 और वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान इन बैंकों की कुल जमा क्रमश:6,59,815 करोड़ रुपये, 7,13,800 करोड़ रुपये और 7,68,621 करोड़ रुपये तथा इनके द्वारा दिये गये कुल ऋण बकाया 4,71,384 करोड़ रुपये, 5,24,163 करोड़ रुपये और 5,78,349 करोड़ रुपये था।
इन वर्षों के दौरान इनकी शुद्ध अवरुद्ध परिसम्पत्तियां क्रमश 2.4 प्रतिशत, दो प्रतिशत और 2.1 प्रतिशत थीं।
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