भोपाल , मार्च 14 -- मध्यप्रदेश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा तकनीक आधारित सहायता तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में महिला सुरक्षा और बाल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न पहल लागू की गई हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति तब संभव होती है जब महिलाओं और बेटियों को सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर मिलें। राज्य सरकार महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, उनकी सुरक्षा और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि महिला हेल्पलाइन, वन स्टॉप सेंटर, जागरूकता कार्यक्रम और त्वरित सहायता तंत्र इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार की 'वन नेशन, वन हेल्पलाइन' पहल के अनुरूप महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को आपातकालीन सेवा 112 से एकीकृत करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम की स्थापना 31 अगस्त 2023 को की गई। इस एकीकृत प्रणाली के माध्यम से अब प्रदेश की कोई भी महिला, 18 वर्ष से कम आयु का बच्चा या उनकी ओर से कोई भी व्यक्ति सप्ताह के सातों दिन चौबीसों घंटे 181, 1098 या 112 पर टोल फ्री कॉल कर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकता है।

महिला हेल्पलाइन 181 के माध्यम से हिंसा से प्रभावित महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाती है। यह सेवा प्रदेश के सभी वन स्टॉप सेंटर से एकीकृत है, जिससे पीड़ित महिलाओं को पुलिस, अस्पताल, एम्बुलेंस, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और अन्य आवश्यक सेवाओं तक एक ही मंच से पहुंच मिलती है। साथ ही प्रशिक्षित परामर्शदाताओं द्वारा मनोवैज्ञानिक सहयोग भी प्रदान किया जाता है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 29 जनवरी 2026 तक महिला हेल्पलाइन 181 के माध्यम से लगभग एक लाख 28 हजार महिलाओं को सहायता प्रदान की जा चुकी है। वहीं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से इसी अवधि में 26 हजार 974 बच्चों को विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई गई है।

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