नयी दिल्ली , अक्टूबर 16 -- राष्ट्रीय राजधानी में जारी विरोध प्रदर्शनों और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' मार्च के संबंध में अनुमति या किसी व्यक्तियों की सूची से संबंधित कोई भी अनुरोध या आवेदन उन्हें नहीं मिला है।
दिल्ली पुलिस के अपर आयुक्त और पुलिस जनसंपर्क अधिकारी राजीव रंजन ने कहा कि इस मामले में किसी ने भी उनसे संपर्क नहीं किया है और उन्हें कुछ विशिष्ट व्यक्तियों से संबंधित कोई पत्र या अनुरोध प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस विषय पर सीजेपी सहित किसी भी अन्य पक्ष ने पुलिस से संपर्क नहीं किया है।
श्री रंजन ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय ध्वज को भारतीय ध्वज संहिता के नियमों के अनुसार ही प्रदर्शित और इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तिरंगे का प्रदर्शन और संचालन अत्यंत सम्मान के साथ किया जाना अनिवार्य है। ध्वज संहिता के सभी नियम आधिकारिक रूप से अधिसूचित हैं और सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध हैं।
इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने नागरिकों के लिए सोशल मीडिया पर एक मार्गदर्शिका भी जारी की है, जिसमें तिरंगा फहराते समय ध्यान रखने योग्य सावधानियों का उल्लेख किया गया है।
ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों के व्यक्तिगत विवरण सोशल मीडिया पर प्रसारित किये जाने पर कड़ा ऐतराज जताते हुए अपर आयुक्त ने कहा कि किसी भी पुलिस अधिकारी या नागरिक की व्यक्तिगत जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करना उनकी निजता का सीधा उल्लंघन है। पुलिस ने ऐसे मामलों को संज्ञान में लिया है जहां कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स ड्यूटी निभा रहे जवानों के फोटो और वीडियो निकालकर उनकी निजी जानकारी ऑनलाइन पोस्ट कर रहे हैं। उन्होंने इस कृत्य को पूरी तरह से गलत और गैर-कानूनी करार दिया।
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