देहरादून , सितंबर 15 -- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत उत्तराखंड के देहरादून जिला अन्तर्गत विकासखंड सहसपुर के शंकरपुर में स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित 2500 महिलाओं के लिए सामान्य सुविधा केंद्र का मंगलवार को कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने शुभारंभ किया।

श्री चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि खादी ग्रामोद्योग के पुराने एवं अनुपयोगी भवन को मुख्य विकास अधिकारी की पहल पर विभिन्न विभागों के समन्वय से पुनर्जीवित किया गया है। जिला उद्योग केंद्र, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और खादी ग्रामोद्योग सहित संबंधित विभागों के कन्वर्जेंस से यहां उत्पादन इकाई स्थापित की गई है। इसमें क्लस्टर लेवल फेडरेशन से जुड़ी महिलाएं उच्च गुणवत्ता के बैग तैयार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा 'लखपति दीदी' अभियान को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस पहल को केवल देहरादून तक सीमित न रखते हुए प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू किया जाएगा। अन्य जिलों के विभागीय अधिकारियों को इस केंद्र का अध्ययन कर इसकी तर्ज पर ऐसी इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्रदेश में लगभग सवा पांच लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। इनमें से तीन लाख से अधिक महिलाएं अब तक 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं, जबकि शेष महिलाओं की आय बढ़ाने की दिशा में भी योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की अनेक लखपति दीदियां अब 'करोड़पति दीदी' बनने की दिशा में अग्रसर हैं।

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि महिला समूहों को तकनीकी ज्ञान, उद्यमिता विकास और बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए आईआईएम काशीपुर के साथ समझौता ज्ञापन किया गया है। आईआईएम काशीपुर इनक्यूबेशन सेंटर के रूप में महिलाओं को तकनीकी सहयोग देगा, जबकि सरकार की ओर से उन्हें आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में केंद्र की गतिविधियों को बैग निर्माण तक सीमित नहीं रखा जाएगा। क्लस्टर लेवल फेडरेशन के माध्यम से विद्यालयी बच्चों की यूनिफॉर्म के साथ पुलिस, होमगार्ड और पीआरडी जवानों की वर्दियां तैयार करने की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इसी मॉडल पर एक अन्य उत्पादन इकाई स्थापित करने के निर्देश दिए।

मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह ने कहा कि सहसपुर स्थित यह सामान्य सुविधा केंद्र कई वर्षों से संचालित नहीं हो रहा था। स्थानीय स्वयं सहायता समूह की क्लस्टर लेवल फेडरेशन को मशीनें उपलब्ध कराकर एक समेकित उत्पादन इकाई विकसित करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की महिला सशक्तीकरण और स्वरोजगार की परिकल्पना के अनुरूप जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों के कन्वर्जेंस और जिला योजना के सहयोग से केंद्र को पुनर्जीवित किया। स्थानीय क्लस्टर लेवल फेडरेशन के साथ समझोता ज्ञापन साइन कर इकाई उसे हस्तांतरित की गई है। केंद्र में महिलाओं ने उत्पादों का निर्माण शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन महिलाओं को प्रशिक्षण, उत्पादन, पैकेजिंग और बाजार से जोड़ने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा।

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