पटना , अप्रैल 30 -- बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरुवार को समस्त बिहारवासियों एवं देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं और कहा कि कि "युद्ध नहीं, बुद्ध" की भावना ही बिहार की महान सांस्कृतिक विरासत का सार है।

राज्यपाल श्री हसनैन ने कहा कि बुद्ध के माध्यम से बिहार ने विश्व को कल्याण का मंत्र दिया है और आज जब दुनिया युद्ध की विभीषिका से जूझ रही है बुद्ध के शांति संदेशों का याद आना स्वाभविक है।

राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा है, यही वह भूमि है, जहाँ बोधगया में भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई और उन्होंने समस्त मानवता को सत्य, अहिंसा, प्रेम, करुणा और शांति का संदेश दिया।

श्री हसनैन ने कहा कि भगवान बुद्ध के उपदेश केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन ही नहीं, बल्कि वैश्विक शांति और विश्व कल्याण के आधारस्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि बुद्ध के अष्टांगिक मार्ग मानव जीवन को संतुलित, नैतिक, सार्थक और उद्देश्यपूर्ण दिशा प्रदान करते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि आज के अशांत और संघर्षपूर्ण समय में भगवान बुद्ध के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। "युद्ध नहीं, बुद्ध" का संदेश सभी को हिंसा से दूर रहकर संवाद, सहिष्णुता और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है, जो विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए अनिवार्य है।

श्री हसनैन ने कहा कि बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर देश और प्रदेश के वासियों को उनके संदेशों और शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात कर शांतिपूर्ण, समतामूलक और समावेशी समाज के निर्माण में अहम योगदान देनेे का संकल्प लेना चाहिए।

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