चंडीगढ़ , अगस्त 07 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा चलाये जा रहे 'युद्ध नशे विरुद्ध'अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के लिए पंजाब पुलिस ने राज्यभर में 39 हजार से अधिक पुलिस-पब्लिक बैठकें आयोजित की हैं।
पुलिस के अनुसार एक मार्च को अभियान शुरू होने के बाद से ये बैठकें नशे के खिलाफ जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी का महत्वपूर्ण माध्यम बनी हैं।
पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने शुक्रवार को कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल प्रवर्तन और गिरफ्तारी के माध्यम से नहीं जीती जा सकती। उन्होंने कहा कि पुलिस नशा तस्करों और संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है, लेकिन स्थायी सफलता के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि पुलिस के जनसंपर्क अभियानों से पुलिस और जनता के बीच विश्वास मजबूत हुआ है। इससे लोगों को नशे से जुड़ी गतिविधियों की सूचना पुलिस तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और नशे के खिलाफ सामूहिक रूप से खड़े होने की भावना विकसित हो रही है। उन्होंने कहा कि पांच अगस्त 2026 तक पंजाब पुलिस ने स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के साथ 10,605 बैठकें की हैं। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के खतरों के प्रति जागरूक करना, स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करना और साथियों के दबाव में नशे की ओर जाने से बचने के उपाय बताना है। विद्यार्थियों को संदिग्ध नशा गतिविधियों की जानकारी पुलिस को देने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
इसके अलावा 3,303 'संपर्क बैठकें' आयोजित की गयी हैं, जिनमें मुख्य रूप से युवाओं को शामिल किया गया। इन बैठकों में युवा पुलिस अधिकारियों, सामुदायिक नेताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद करते हैं। इस दौरान नशे से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के साथ-साथ नशामुक्ति, पुनर्वास और रोकथाम के उपायों की जानकारी दी जाती है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भी अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिला है। पुलिस के अनुसार, गांवों में ग्राम रक्षा समितियों और शहरी क्षेत्रों में वार्ड रक्षा समितियों के सदस्यों के साथ 25,328 से अधिक बैठकें की जा चुकी हैं।
पंजाब में इस समय करीब 13 हजार ग्राम रक्षा समितियां हैं, जिनमें लगभग 1.25 लाख स्वयंसेवक जुड़े हुए हैं। इनमें गांवों के बुजुर्ग, सेवानिवृत्त सैन्य एवं पुलिसकर्मी, शिक्षक और समाज के अन्य प्रतिष्ठित लोग शामिल हैं। ये स्वयंसेवक नशे से संबंधित गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने के साथ-साथ युवाओं में जागरूकता फैलाने और नशे की समस्या से प्रभावित लोगों को नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों तक पहुंचाने में भी सहयोग करते हैं। पंजाब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर समितियां रोकथाम और पुनर्वास प्रयासों को मजबूत कर रही हैं।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स, निलाभ किशोर ने कहा कि पंजाब पुलिस ने अभियान को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया है। कक्षाओं और कॉलेजों से लेकर गांवों और शहरी वार्डों तक आयोजित 39 हजार से अधिक बैठकें संवाद, जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी का मजबूत मंच बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यह जनसंपर्क अभियान नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को मजबूत करने के साथ लोगों को नशे की सूचना साझा करने, नशामुक्ति प्रयासों में सहयोग देने और नशामुक्त पंजाब के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रेरित कर रहा है।
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