पटना , अगस्त 16 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री एवं कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'दिमागी नक्सल' संबंधी बयान को बेहद गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की।श्री प्रसाद ने आज प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से अपने ऐतिहासिक संबोधन में वर्ष 2047 तक विकसित भारत का स्पष्ट रोडमैप देश के सामने रखा। उन्होंने युवाओं, किसानों और समाज के हर वर्ग की बात करते हुए कहा कि सरकार ने माओवाद और नक्सलवाद को समाप्त करने में बड़ी सफलता हासिल की है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के बावजूद कुछ लोग अभी भी मानसिक रूप से नक्सली सोच रखते हैं।
श्री प्रसाद ने कहा कि इसके बाद पी. चिदंबरम का यह कहना कि 'मोदी जी, मैं भी दिमागी रूप से नक्सली हूं', बेहद आपत्तिजनक और गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने सवाल किया कि चिदंबरम देश के पूर्व गृह मंत्री, राज्यसभा सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। ऐसे में उन्हें प्रधानमंत्री के बयान के संदर्भ और उसके उद्देश्य को समझना चाहिए था।
भाजपा सांसद ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दूरदर्शी नीति के कारण देश में माओवाद और नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर सहित उन क्षेत्रों में तिरंगा शान से लहरा रहा है, जहां कभी नक्सलवाद का प्रभाव था। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रभारी रहते हुए उन्होंने स्वयं उन क्षेत्रों का दौरा किया है और वहां आए बदलाव को करीब से देखा है।
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