मुंबई , मई 08 -- मुंबई के पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों की रहस्यमयी मौत के मामले में पुलिस को जांच के दौरान महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
पुलिस ने पीड़ितों के घर से आयुर्वेदिक दवाओं के नमूने और चूहे मारने का जहर जब्त कर फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) विश्लेषण के लिए भेजा है।जांच के दौरान पुलिस को घर से चूहे मारने वाले जहर की दो टिकिया और एक स्प्रे मिला है। अधिकारियों के मुताबिक, चूहे मारने वाली टिकिया के पैकेट सील बंद थे, जबकि स्प्रे का इस्तेमाल किया गया प्रतीत होता है।
इससे पहले आई एफएसएल रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई थी कि डोकाडिया परिवार के चारों सदस्यों की मौत चूहे मारने वाले जहर के कारण हुई थी। मृतकों के शरीर और मौके से मिले तरबूज के नमूनों में 'जिंक फास्फाइड' के अंश पाए गए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि जिंक फास्फाइड एक अत्यंत विषैला रसायन है, जिसका उपयोग आमतौर पर खेतों या अनाज के गोदामों में चूहों को मारने के लिए किया जाता है। शरीर के अंदर जाने पर यह जहरीली 'फॉस्फीन' गैस छोड़ता है, जो जानलेवा साबित होती है। इस खुलासे के बाद पुलिस ने सामान्य फूड पॉइजनिंग की संभावना को खारिज कर दिया है और अब मामले की जांच सामूहिक आत्महत्या या हत्या के कोण से की जा रही है।
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