महराजगंज , जुलाई 02 -- उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान के तहत गुरुवार को व्यापक जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के संचालित एक निजी स्कूली बस को सीज कर दिया गया, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वाले तीन अन्य वाहनों का चालान किया गया।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) मनोज सिंह एवं यात्री/मालकर अधिकारी राजेश सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने बिशप एकेडमी स्कूल पहुंचकर वहां संचालित सभी स्कूल वाहनों का गहन निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान स्कूल की सभी बसों के पंजीयन, बीमा, फिटनेस, परमिट, प्रदूषण प्रमाणपत्र तथा चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस वैध पाए गए। इसके अलावा प्रत्येक बस में अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, फायर अलार्म, खिड़कियों पर सुरक्षा रॉड, आपातकालीन द्वार, स्पीड गवर्नर और जीपीएस जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप मिलीं।
अधिकारियों ने बिशप एकेडमी प्रबंधन की सराहना करते हुए निर्देश दिया कि भविष्य में भी केवल मानक पूरे करने वाले वाहनों का ही संचालन किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण अभियान के समानांतर सड़क पर भी सघन वाहन चेकिंग की गई। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करते पाए गए तीन वाहनों का मौके पर चालान किया गया, जबकि बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के बच्चों का परिवहन कर रही एक निजी स्कूल बस को पकड़कर पकड़ी पुलिस चौकी में सीज कर दिया गया।
एआरटीओ मनोज सिंह ने बताया कि सीज की गई बस का फिटनेस प्रमाणपत्र दो माह पहले समाप्त हो चुका था, इसके बावजूद उसका संचालन किया जा रहा था। वाहन स्वामी के विरुद्ध नियमानुसार जुर्माना लगाने के साथ अन्य विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान 15 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा। इस दौरान जिले के सीबीएसई, आईसीएसई, यूपी बोर्ड तथा निजी विद्यालयों के बस, वैन और ऑटो की जांच की जाएगी। अभियान में वाहनों की फिटनेस, चालक का कम से कम पांच वर्ष का अनुभव, पुलिस सत्यापन, महिला अटेंडेंट की उपलब्धता, सीसीटीवी कैमरा, स्कूल का नाम एवं संपर्क नंबर, ओवरलोडिंग तथा निर्धारित गति सीमा के अनुपालन की विशेष रूप से जांच की जाएगी।
परिवहन विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को स्कूल भेजने से पहले वाहन का पंजीकरण नंबर, चालक का नाम और मोबाइल नंबर अवश्य नोट करें। यदि किसी वाहन में सुरक्षा उपकरणों का अभाव हो या चालक नशे की हालत में वाहन चलाता मिले तो इसकी सूचना तत्काल डायल-112 अथवा एआरटीओ कार्यालय को दें।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान प्रतिदिन अलग-अलग मार्गों पर औचक जांच की जाएगी। स्कूल खुलने और छुट्टी के समय प्रवर्तन टीम विशेष निगरानी रखेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल प्रबंधकों एवं वाहन स्वामियों के विरुद्ध पहले नोटिस और आवश्यकता पड़ने पर परमिट निरस्त करने तक की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही स्कूली वाहन चालकों और परिचालकों को सुरक्षित ड्राइविंग तथा प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
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