सुकमा , जुलाई 21 -- छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के सुदूर वनांचल जीरमपाल गांव में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी महिलाओं ने ईंट निर्माण के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। 'बम्लेश्वर स्व-सहायता समूह' की महिलाओं ने अब तक 5,500 ईंटों का निर्माण एवं विक्रय कर 1.32 लाख रुपये की आय अर्जित की है।

जिला प्रशासन के अनुसार, 'बिहान' योजना के तहत वित्तीय और तकनीकी सहयोग मिलने के बाद समूह की 10 महिलाओं ने लगभग एक वर्ष पहले ईंट निर्माण का कार्य शुरू किया। वर्तमान में समूह प्रतिदिन उच्च गुणवत्ता वाली ईंटों का उत्पादन कर स्थानीय स्तर पर उनका विक्रय कर रहा है।

समूह की सदस्य आसमती ने बताया कि पहले परिवार की छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब नियमित आय होने से बच्चों की पढ़ाई, कपड़े और अन्य घरेलू जरूरतों का खर्च स्वयं वहन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से सक्षम होने के साथ ही परिवार के निर्णयों में उनकी भागीदारी भी बढ़ी है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित