मिदनापुर , मई 17 -- पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने रविवार को आरोप लगाया कि बंगाल की शिक्षा प्रणाली बर्बाद हो गई है और शराब के कारोबार को सुविधाजनक बनाने के लिए कई राष्ट्रीय राजमार्गों का स्तर जानबूझकर गिराया गया है। उन्होंने पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार और निहित स्वार्थों के लिए सार्वजनिक अवसंरचना के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
पश्चिम मिदनापुर जिले के खड़गपुर शहर में एक सभा को संबोधित करते हुए श्री घोष ने दावा किया कि राज्य की शैक्षणिक रीढ़ को व्यवस्थित रूप से नष्ट किया गया है और शिक्षकों एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भारी कमी ने पूरे बंगाल में स्कूलों को पंगु बना दिया है।
उन्होंने कहा कि बंगाल में वास्तव में कोई शिक्षा प्रणाली शेष नहीं है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत पूरी संरचना का पुनर्निर्माण करना होगा। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधारों एवं नई भर्तियों का वादा किया।
इसी संदर्भ में, भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि तृणमूल शासन के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों के कई हिस्सों को राज्य राजमार्गों में परिवर्तित किया गया ताकि प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए सड़क किनारे शराब की दुकानें खोली जा सकें। उन्होंने कहा कि सड़कों का स्वरूप केवल शराब के कारोबार के हितों की रक्षा करने के लिए बदला गया और ये निर्णय जन कल्याण के लिए नहीं बल्कि लाभ के लिए लिए गए थे।
श्री घोष ने आगे दावा किया कि केंद्र सरकार की सड़कें अपेक्षाकृत कार्यशील स्थिति में हैं जबकि राज्य सरकार के अधीन अधिकांश सड़कें बुरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र के अधीन जो भी सड़कें हैं वे अभी भी उपयोग योग्य हैं लेकिन बंगाल की अन्य सड़कें जर्जर हो चुकी हैं।
मंत्री ने अवैध पार्किंग, सड़क किनारे अतिक्रमण और परिवहन गिरोहों द्वारा कथित जबरन वसूली पर कड़ी कार्रवाई की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि ऑटो, टैंपू, ट्रक और निजी वाहन मनमाने तरीके से पार्क हो रहे हैं और खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है। यह अराजकता अब बंद होगी। उन्होंने आगे कहा कि अब से केवल निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों में ही वाहन पार्क किए जा सकेंगे।
राज्य की पुलिस व्यवस्था पर निशाना साधते हुए, श्री घोष ने कई राजनीतिक नेताओं से सुरक्षा वापस लेने का बचाव किया और आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों को आम नागरिकों की बजाय गिरोह संचालकों एवं भ्रष्ट राजनेताओं की सुरक्षा में लगाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया, "पुलिस स्टेशनों में कर्मचारियों की कमी है क्योंकि अधिकारी जबरन वसूली करने वाले गिरोहों को चलाने वाले नेताओं की सुरक्षा में लगे हुए हैं।"चुनाव के बाद हुई हिंसा पर मंत्री ने कहा कि 2021 के विधानसभा चुनावों से संबंधित हजारों लंबित शिकायतों पर फिर से विचार किया जाएगा और पीड़ितों को कानूनी सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा, "कई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। अब उन फाइलों को फिर से खोला जाएगा और लोगों को न्याय मिलेगा।"श्री घोष ने पूर्व प्रशासन पर भारी धन खर्च करने के बावजूद चिंगरीघाटा-न्यू टाउन-एयरपोर्ट मेट्रो कॉरिडोर सहित महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं में देरी करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि हजारों करोड़ रुपये खर्च हो गए लेकिन परियोजनाएं ठप पड़ी हुई है क्योंकि सरकार मेट्रो संपर्क में सुधार नहीं करना चाहती थी।
खड़गपुर के रेलवे बाजार क्षेत्र में व्यापारियों से बातचीत के दौरान मंत्री ने रेलवे बाजार की दुकानों के लिए प्रस्तावित किराया में भारी वृद्धि पर हस्तक्षेप किया और व्यापारियों को आश्वासन दिया कि इस मामले पर रेलवे अधिकारियों के साथ बातचीत चल रही है। बाद में, जिले के सरकारी कर्मचारी संयुक्त मंच ने उन्हें सम्मानित किया।
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