कोच्चि , अगस्त 09 -- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक टीजी मोहनदास को दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर गोलीबारी की वकालत करने के लिए रविवार को मत्तनचेरी में उनके आवास से हिरासत में ले लिया गया।
तिरुवनंतपुरम सिटी साइबर क्राइम पुलिस की एक टीम ने श्री मोहनदास के आवास पर पहुंचकर तलाशी ली, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर भड़काऊ टिप्पणी करने के बाद श्री मोहनदास के खिलाफ तिरुवनंतपुरम साइबर पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
उन्होंने एक यूट्यूब चैनल पर जारी वीडियो में कहा था कि अगर उन्हें अवसर मिलता तो वह प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे लोगों को गोली मार देते। उन्होंने यह भी कहा कि जंतर-मंतर के चार किलोमीटर के दायरे में कर्फ्यू लगा देना चाहिए और प्रदर्शनकारियों को तीन चेतावनी देने के बाद पुलिसकर्मियों को गोलीबारी शुरू कर देनी चाहिए।
श्री मोहनदास ने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारी भाग जाते, जबकि कुछ मार दिये जाते और कुछ दिव्यांग हो जाते। इसके बाद चार घंटे के अंदर-अंदर स्थिति शांतिपूर्ण हो जाती। उन्होंने शवों को एकत्र कर अस्पताल ले जाने की बात भी कही थी। एक अन्य वीडियों में उन्होंने प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाली महिलाओं पर अभद्र टिप्पणियां भी की थीं।
तिरुवनंतपुरम साइबर पुलिस ने उनके खिलाफ आयी शिकायतों के बाद 29 जुलाई को मामला दर्ज किया था। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की दंगा भड़काने एवं सामाजिक उपद्रव फैलाने से संबंधित धाराएं लगायी गयीं। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम एवं केरल पुलिस अधिनियम की धाराएं भी लगायी गयीं।
शिकायतकर्ताओं में ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के टीटी जिस्मन भी शामिल थे। कई शिकायतकर्ताओं ने मामला दर्ज करने में पुलिस की ओर से हुई देरी पर भी आपत्ति जताई और इस दौरान लगातार शिकायतों की संख्या बढ़ती गयी। उनकी टिप्पणियों की वीडियो अब भी यूट्यूब पर मौजूद हैं।
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